परिचय
बांके बिहारी जी का मंदिर उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल **वृंदावन** में स्थित है। यह मंदिर भगवान **श्रीकृष्ण** को समर्पित है और वैष्णव सम्प्रदाय का एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थान माना जाता है।
बांके बिहारी नाम का अर्थ
- "बांके" का अर्थ होता है "त्रिभंगी मुद्रा" में खड़े हुए – अर्थात तीन जगह से मुड़े हुए (गर्दन, कमर, पैर)।
- "बिहारी" का अर्थ होता है "विहार करने वाले" – अर्थात जो प्रेमपूर्वक लीला करते हैं।
- इस प्रकार "बांके बिहारी" का अर्थ हुआ – लीला में लीन, सुंदर, त्रिभंगी मुद्रा वाले श्रीकृष्ण।
मंदिर का इतिहास
- बांके बिहारी मंदिर की स्थापना **स्वामी हरिदास जी** ने 16वीं शताब्दी में की थी।
- स्वामी हरिदास जी, महान भक्त एवं संगीतज्ञ थे और **तानसेन** के गुरु माने जाते हैं।
- कहा जाता है कि स्वामी हरिदास जी की भक्ति से प्रसन्न होकर **श्री राधा-कृष्ण** स्वयं उनके सामने प्रकट हुए थे और एक सुंदर युगल मूर्ति के रूप में विग्रह में स्थित हो गए। इस मूर्ति को ही बांके बिहारी कहा जाता है।
मूर्ति की विशेषता
- यह मूर्ति **एक ही विग्रह** में श्री राधा और श्री कृष्ण का समावेश मानी जाती है।
- भगवान की मूर्ति अत्यंत मनोहारी और चित्ताकर्षक है, जिसे देखने से भक्त भावविभोर हो जाते हैं।
पूजा और नियम
- यहां प्रति दिन तीन बार आरती होती है – मंगला आरती, श्रृंगार आरती, और **सायं आरती।
- खास बात यह है कि मंगला आरती केवल वर्ष में एक बार*– अकर्षण एकादशी (श्रावण मास में) को ही होती है।
- भगवान को लगातार झूला झुलाया जाता है, और उनकी दृष्टि भक्तों पर अधिक देर तक न टिके, इसलिए पर्दा बार-बार खींचा जाता है।
त्योहार और उत्सव
- जन्माष्टमी श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है।
- झूलन उत्सव सावन मास में भगवान को झूले में झुलाया जाता है।
- बासंती पूनम विशेष श्रृंगार और रासलीला होती है।
- होली यहां ब्रज की प्रसिद्ध लठ्ठमार होली औरफूलों की होली मनाई जाती है।
मंदिर का समय
गर्मी (अप्रैल से अक्टूबर)
- सुबह: 7:30 AM – 12:00 PM
- शाम: 5:30 PM – 9:30 PM
सर्दी (नवंबर से मार्च)
- सुबह: 8:45 AM – 1:00 PM
- शाम: 4:30 PM – 8:30 PM
समय विशेष पर्वों पर बदल सकता है
कैसे पहुंचें
- रेलवे स्टेशन मथुरा जंक्शन (Vrindavan से लगभग 12 किमी दूर)
- बस वृंदावन के लिए नियमित बस सेवा उपलब्ध है।
- निकटतम हवाई अड्डा आगरा (लगभग 70 किमी) और दिल्ली (150 किमी)
अन्य जानकारी
- मंदिर में मोबाइल, कैमरा आदि प्रतिबंधित हो सकते हैं।
- मंदिर के आसपास प्रसाद, पूजा सामग्री और स्मृति चिन्ह की दुकानें उपलब्ध हैं।
- मंदिर क्षेत्र में भीड़ अधिक होती है, विशेषकर त्योहारों के समय।
Written By :Mantosh.

Comments
Post a Comment